संवेदनाओं का प्रवाह श्रोत हृदय है।
सुख सर्जना जहाँ है वहीं दुःख प्रलय है।
जीवन ही चूंकि आग और जल से है बना
गीतों में मेरे अथ विरह के संग प्रणय है।।
सुख सर्जना जहाँ है वहीं दुःख प्रलय है।
जीवन ही चूंकि आग और जल से है बना
गीतों में मेरे अथ विरह के संग प्रणय है।।
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