हर दिल जो गुनगुनाये वो नज़्म है हिंदी
नश्तर को फूल कर दे वो अजम है हिन्दी
इंसानियत का ज़ज्बा तह्जीबेज़िन्द्गी
जिसकी फिजाओं में बसे वो बज़्म है हिन्दी
vyanjana hoon nayee, vyakaran do mujhe. shabd hoon,satya ka aacharan do mujhe. "VEDNA" devki man ki kara me hai geet hoon krishn sa awtaran do mujhe.
Wednesday, September 14, 2011
Saturday, September 10, 2011
मौन जब से....
नग्नता यूँ बढी , आवरण हो गयी ।
संस्कृति का नया उद्धरण हो गयी ।
मौन जब से मेरे मन की संसद हुई ,
भ्रष्टता तंत्र का आचरण हो गयी ॥
संस्कृति का नया उद्धरण हो गयी ।
मौन जब से मेरे मन की संसद हुई ,
भ्रष्टता तंत्र का आचरण हो गयी ॥
ख्वाहिश......
लम्बी और अछोर हुई है।
ख्वाहिश आदमखोर हुई है॥
दोपहरी सा सन्नाटा है ।
कहने भर को भोर हुई है॥
उलझन मेरी बढते बढते ।
महानगर का शोर हुई है ॥
राज ज़िन्दगी बिना तुम्हारे।
कटी पतंग की डोर हुई है॥
ख्वाहिश आदमखोर हुई है॥
दोपहरी सा सन्नाटा है ।
कहने भर को भोर हुई है॥
उलझन मेरी बढते बढते ।
महानगर का शोर हुई है ॥
राज ज़िन्दगी बिना तुम्हारे।
कटी पतंग की डोर हुई है॥
Thursday, September 8, 2011
Monday, September 5, 2011
SHIKSHAK DIWAS PAR APNE STUDENTS KE LIYE
mana ki hum nahee hain maa baap aapke,
jyada n chand roj se hain saath aapke,
hum aapkee khushee kaa sabab hon n hon magar,
ghum aapka bahega in aankhon k raste.
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