अब आज़ादी के सपने में ,सच के नवीन रंग भरने में
जो तुमने आनाकानी की ,आलस्य किया नादानी की
तो सामंती बैसाखी पर फिर होगा लंगड़ा लोकतंत्र
इन स्थितियों से बचना है तो गुन लो प्यारे एक मन्त्र
मतदाताओं का जागृति अभियान ज़रूरी है
लोकतंत्र की रक्षा हित मतदान ज़रूरी है