जहाँ परमसुख धाम है जहाँ न कोई शोक।
पूजनीय दादी गयीं हमें छोड़ सुरलोक ॥
vyanjana hoon nayee, vyakaran do mujhe. shabd hoon,satya ka aacharan do mujhe. "VEDNA" devki man ki kara me hai geet hoon krishn sa awtaran do mujhe.
Saturday, November 13, 2010
Friday, November 5, 2010
वो ऐसे अपना ग़म छुपाता है.....
फटे होठों से मुस्कुराता है।
वो ऐसे अपना ग़म छुपाता है॥ १॥
सब हकीकत,नीयत छुपाते हैं ।
वो सिर्फ अपना ग़म छुपाता है॥ २॥
वो बस्ती में नया नया सा है ।
तभी औरो से कम छुपाता है॥३॥
ये नादानी-ए-इश्क देखो तो ।
वो मुट्ठी में जुगनू छुपाता है॥ ४॥
यकीनन ये ज़ख्मगर ही होगा।
पकड़ लो, ये मरहम छुपाता है॥ ५॥
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