Thursday, January 24, 2013

मतदान ज़रूरी है .......


अब आज़ादी के सपने में ,सच के नवीन रंग भरने में 
जो तुमने आनाकानी की ,आलस्य किया नादानी की 
तो सामंती बैसाखी पर फिर होगा लंगड़ा लोकतंत्र 
इन स्थितियों से बचना है तो गुन लो प्यारे एक मन्त्र 
मतदाताओं का जागृति अभियान ज़रूरी है 
लोकतंत्र  की रक्षा  हित  मतदान  ज़रूरी है 

ऊंचे ऊँचे  महलों वाले भी फिरते द्वारे द्वारे हैं 
उम्मीदें बाँट रहे सबको वादों के खुले पिटारे हैं 
जीवन की जलती धरती पर जैसे बादल घिर आये हैं 
बरसाती मेढक ,झींगुर सब अपना आलाप लगाये हैं 
अवसरवादी मंडूकों का अवसान जरूरी है 
लोकतंत्र  की रक्षा  हित  मतदान  ज़रूरी है

कश्ती स्वराज की जो निकालकर  लाये थे तूफानों से 
रखना संभालकर कहकर सौंपी थी कितने अरमानों से 
उन अमर शहीदों ने पाए विश्वासघात के छाले हैं 
कश्ती को वे ही लूट रहे हैं जो पतवार संभाले हैं 
मित्रो अब रक्षक भक्षक की पहचान जरूरी है 
लोकतंत्र  की रक्षा  हित  मतदान  ज़रूरी है

Wednesday, January 23, 2013

वतन की धूल भी जिनके लिए थी चन्दन सी....




मौत  से आँख मिलाती हुई जवानी है .
 हौसला लौह समंदर की सी रवानी है
वतन की धूल भी जिनके लिए थी चन्दन सी,
निसार ऐसे शहीदों पे जिंदगानी  है ..

सिर्फ संघर्ष ही ईमान बना लेते हैं
राष्ट्र की अस्मिता को आन बना लेते हैं
सरहदों पे तने जांबाज़ जवानों को नमन
मौत को अपनी जो बलिदान बना लेते हैं 

Sunday, January 6, 2013

जियो तो जिन्दगानियों में ज़वानी भर के ......

दिल्ली में हुयी ह्रदय विदारक घटना के बाद ......

इससे बढ़कर कोई बलिदान हो नहीं सकता
प्राण से बढ़के और दान    हो   नही  सकता
यूँ उठा ज्वार कि दहली दरिंदगी खुद भी
जागरण से बड़ा  तूफ़ान हो नही सकता


सो गयी देश की  रग रग में रवानी भर के
नर्म आँखों में गर्म गर्म सा पानी भर के
एक बेटी की शहादत ने ये कसम दी है
जियो तो जिन्दगानियों में ज़वानी भर के