दिल्ली में हुयी ह्रदय विदारक घटना के बाद ......
इससे बढ़कर कोई बलिदान हो नहीं सकता
प्राण से बढ़के और दान हो नही सकता
यूँ उठा ज्वार कि दहली दरिंदगी खुद भी
जागरण से बड़ा तूफ़ान हो नही सकता
सो गयी देश की रग रग में रवानी भर के
नर्म आँखों में गर्म गर्म सा पानी भर के
एक बेटी की शहादत ने ये कसम दी है
जियो तो जिन्दगानियों में ज़वानी भर के
इससे बढ़कर कोई बलिदान हो नहीं सकता
प्राण से बढ़के और दान हो नही सकता
यूँ उठा ज्वार कि दहली दरिंदगी खुद भी
जागरण से बड़ा तूफ़ान हो नही सकता
सो गयी देश की रग रग में रवानी भर के
नर्म आँखों में गर्म गर्म सा पानी भर के
एक बेटी की शहादत ने ये कसम दी है
जियो तो जिन्दगानियों में ज़वानी भर के
No comments:
Post a Comment