मौत से आँख मिलाती हुई जवानी है .
हौसला लौह समंदर की सी रवानी है
वतन की धूल भी जिनके लिए थी चन्दन सी,
निसार ऐसे शहीदों पे जिंदगानी है ..
सिर्फ संघर्ष ही ईमान बना लेते हैं
राष्ट्र की अस्मिता को आन बना लेते हैं
सरहदों पे तने जांबाज़ जवानों को नमन
मौत को अपनी जो बलिदान बना लेते हैं
No comments:
Post a Comment