Wednesday, September 14, 2011

हिंदी .......

हर दिल जो गुनगुनाये वो नज़्म है हिंदी
नश्तर को फूल कर दे वो अजम है हिन्दी
इंसानियत का ज़ज्बा तह्जीबेज़िन्द्गी
जिसकी फिजाओं में बसे वो बज़्म है हिन्दी

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