जो साधना विहीन है संगीत नहीं है।
जो भावना विहीन है वो मीत नहीं है।
आँसू न जिसका शब्द-शब्द चूमने लगे
शब्दों की व्यवस्था है मगर गीत नहीं है।।
गीतों में भर के मैं ह्रदय का ज्वार सौंपने।
आदर्श हो रहे हैं तार - तार सौंपने।
टकसाल वाली राह को आया हूँ छोड़कर
लाया हूँ स्वाभिमान की हुँकार सौंपने।।
जो भावना विहीन है वो मीत नहीं है।
आँसू न जिसका शब्द-शब्द चूमने लगे
शब्दों की व्यवस्था है मगर गीत नहीं है।।
गीतों में भर के मैं ह्रदय का ज्वार सौंपने।
आदर्श हो रहे हैं तार - तार सौंपने।
टकसाल वाली राह को आया हूँ छोड़कर
लाया हूँ स्वाभिमान की हुँकार सौंपने।।
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