बूँद- बूँद पर बहका बहका मन तो होगा ही ।
हां , सुहाना महलों का सावन तो होगा ही । ।
uska चूल्हा नहीं भींगता बारिश में।
भीगा - २ सावन मनभावन तो होगा ही । ।
शक की हद में रन्नो,सन्नो,मन्नो आती है ।
कोठी की मीना का तन पावन तो होगा ही । ।
जिस पर भी मजलूमों की आहों का गोटा हो ।
भरा तमाम दौलतों से दामन तो होगा ही । ।
शहर गए बेटे को कब अहसास हुआ ?
बिरवा की खातिर तरसा आँगन तो होगा ही । ।
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