हर आदमी में होते है दस बीस आदमी
जिसको भी देखना हो कई बार देखना
मैंदा की जीत हार तो किस्मत की बात है
टूटी है किसके हाथ में तलवार देखना
- निदा फाजली
जिसको भी देखना हो कई बार देखना
मैंदा की जीत हार तो किस्मत की बात है
टूटी है किसके हाथ में तलवार देखना
- निदा फाजली
चैन सुख शांति सब खो जाती है
ReplyDeleteजब मेरे मोबाइल की घंटी घनघनाती है
इसी दहसत में अक्सर जीता हूँ
क्या पता कॉल किसकी आती है
मेरी रिंग टोन में गाने हैं बहुत
बेबसी मेरी छट पटाती है
मुझे छोडो मेरे ज़माने में
मेरी दादी मुझे बुलाती है.